Shero Shayari By TMAYA RAI – (शेरो शायरी संग्रह -7 )

एक बाज़ी दिल की हार गए तो क्या
एक डाली दिल की टूट गए तो क्या
अगर पाने का मतलब ही जीना होता
कब का ए दुनिया
शमशान में तब्दील हो गया होता  …

writer

बढ़ता ही जा रहा है
ख़ामोशियों के सिलसिले
थक गई हूँ
आवाज देते देते

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बहुत कुछ कह सकती हूं
पर कहूंगी नहीं
औरों के लिए ही सही
दिल वो धड़कता तो होगा…

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में तो वहीं हुं
इंतजार आज भी हैं
बस तू कहीं चला गया हैं ….

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प्यार एक तरफा ही सही
तब तो पता न था
जब साथ रहने का वादा
दिल से किया था

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ख्यालों की नदिया
कभी सूखती नहीं है
प्यास मिटाने के लिए
तु जो टपकता है

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जिएंगे इसी गलतफहमी के साथ
शायद कभी उनका लौटना हो

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हम जब भी शायरी करते हैं
दर्द के सिलसिले शुरू हो जातें हैं……

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हम क्यों तलास करें
हमनें क्या खोया है
उसको ढूंढा जाए
जो गुम हो गया है

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जिग़र होना चाहिए हम को मुकम्मल बनाने में
नज़रों को तरासने होंगें पसंद ख़ास बनानें में

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इतना भी मजबूर नहीं
अपने उसूलों को ही भूल जाऊं
दूर रहने की फैसला मेरा नहीं
फिर क्यूँ तुम्हें ढूँढ़ता फिरूं …

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इसलिए भी लोग झुकते हैं
किसी दिन तुम्हें भी झुकना पड़ जाए

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सलाम करते हैं इसलिए नहीं
वह तुम्हें पहचान पाए है

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अगर मेरे बदनामी पर उतर आओगे
अपने आपको साबित करते करते थक जाओगे

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हम मौसम देखकर नहीं
मौसम हमें देखकर बदलता हैं

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मर्जी मेरी चलती नहीं
इसी लिए अब तक कोई ठीकाना नहीं …

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सजा में भी मजा आ जाए
मुहब्बत तू बड़ी कमाल की चीज हैं  …

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कभी संभलते गए कभी फिसलते गए
इशारे उनके थे  दिल  डोलते गए

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मेरे लिए ना सही अपनों के लिए ही कुछ कर
मुहब्बत पर जुल्म ना हो बस इतना दुआ कर

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गले लगाकर भूल जातें हैं
उनके हम कितने करीब हैं

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